सर्वभूतस्थमात्मानं सर्वभूतानि चात्मनि ।
ईक्षते योगयुक्तात्मा सर्वत्र समदर्शन: ॥ २९ ॥
अनुवाद
सच्चा योगी मुझे सभी प्राणियों में और सभी प्राणियों को मुझमें देखता है। आत्म-साक्षात्कार की अवस्था प्राप्त करने वाला व्यक्ति निश्चय ही मुझ परमेश्वर को सर्वत्र देखता है।
A true Yogi sees Me in all beings and all beings in Me. A person who has attained the state of self-realization certainly sees Me, the Supreme Lord, everywhere.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥