Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.3.73-74: राजन्! ये उन विजयी वीरों के लिए विजय के शुभ लक्षण हैं जिनके पक्ष में वायु बहती है, बादल और पक्षी भी जिनके पक्ष में होते हैं, बादल छत्र की तरह जिनके पीछे-पीछे चलते हैं और जिनके पक्ष में इन्द्रधनुष दिखाई देता है। हे प्रभु! इसके विपरीत, मरते हुए मनुष्यों को अशुभ लक्षण दिखाई देते हैं। 73-74। | mahabharat अध्याय 6.3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन्! ये उन विजयी वीरों के लिए विजय के शुभ लक्षण हैं जिनके पक्ष में वायु बहती है, बादल और पक्षी भी जिनके पक्ष में होते हैं, बादल छत्र की तरह जिनके पीछे-पीछे चलते हैं और जिनके पक्ष में इन्द्रधनुष दिखाई देता है। हे प्रभु! इसके विपरीत, मरते हुए मनुष्यों को अशुभ लक्षण दिखाई देते हैं। 73-74।
King! These are auspicious signs of victory for those victorious heroes in whose favour the wind blows, in whose favour the clouds and birds also favour, in whose favour the clouds follow like umbrellas and in whose favour the rainbow is visible. O Lord! On the contrary, inauspicious signs are seen by dying men. 73-74.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥