श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 3: व्यासजीके द्वारा अमंगलसूचक उत्पातों तथा विजयसूचक लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.3.26 
शस्त्राणि चैव राजेन्द्र प्रज्वलन्तीव सम्प्रति।
सप्तर्षीणामुदाराणां समवच्छाद्यते प्रभा॥ २६॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! इस समय सारे अस्त्र-शस्त्र जल रहे हैं। उदार सप्तर्षियों का तेज लुप्त हो रहा है।
 
Rajendra! All the weapons seem to be burning at this time. The radiance of the generous Saptarishis is fading away. 26.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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