Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.26.46: एक छोटे से कुएँ का कार्य एक बड़े जलाशय द्वारा तुरन्त पूरा हो जाता है। इसी प्रकार वेदों के सभी प्रयोजन उसके द्वारा पूरे हो जाते हैं जो उनके आंतरिक अर्थ को जानता है।   |   mahabharat अध्याय 6.26: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 2: गीता का सार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 26: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 2: गीता का सार  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  6.26.46 
यावानर्थ उदपाने सर्वतः सम्प्लुतोदके ।
तावान्सर्वेषु वेदेषु ब्राह्मणस्य विजानतः ॥ ४६ ॥
 
 
अनुवाद
एक छोटे से कुएँ का कार्य एक बड़े जलाशय द्वारा तुरन्त पूरा हो जाता है। इसी प्रकार वेदों के सभी प्रयोजन उसके द्वारा पूरे हो जाते हैं जो उनके आंतरिक अर्थ को जानता है।
 
The work of a small well can be accomplished instantly by a large reservoir. Similarly, all the purposes of the Vedas are fulfilled by the one who knows their inner meaning.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)