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श्लोक  6.26.36 
अवाच्यवादांश्च बहून्वदिष्यन्ति तवाहिताः ।
निन्दन्तस्तव सामर्थ्य ततो दुःखतरं नु किम् ॥ ३६ ॥
 
 
अनुवाद
तुम्हारे शत्रु तुम्हें बहुत कठोर शब्दों में वर्णित करेंगे और तुम्हारी शक्ति का उपहास करेंगे। इससे अधिक दुःख की बात तुम्हारे लिए और क्या हो सकती है?
 
Your enemies will describe you with many harsh words and ridicule your strength. What could be more painful for you than this?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)