| श्री महाभारत » पर्व 6: भीष्म पर्व » अध्याय 26: श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2: गीता का सार » श्लोक 10 |
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| | | | श्लोक 6.26.10  | तमुवाच हृषीकेशः प्रहसन्निव भारत ।
सेनयोरूभयोर्मध्ये विषीदन्तमिदं वचः ॥ १० ॥ | | | | | | अनुवाद | | हे भरतवंशी (धृतराष्ट्र)! उस समय दोनों सेनाओं के बीच शोकग्रस्त अर्जुन से श्रीकृष्ण ने मानो मुस्कुराते हुए ये वचन कहे। | | | | O descendant of Bharata (Dhritarashtra)! At that time, between the two armies, Krishna spoke these words to Arjuna who was grieving, as if smiling. | | ✨ ai-generated | | |
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