श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 26: श्रीमद्भगवद्‍गीता अध्याय 2: गीता का सार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.26.1 
सञ्जय उवाच
तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम् ।
विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः ॥ १ ॥
 
 
अनुवाद
संजय बोले - करुणा से भरे हुए, शोक से पीड़ित और अश्रुपूर्ण नेत्रों वाले अर्जुन को देखकर मधुसूदन कृष्ण ने ये वचन कहे।
 
Sanjaya said—Seeing Arjuna, who was filled with compassion, grief-stricken and with tear-filled eyes, Madhusudana Krishna said these words.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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