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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 21: कौरवसेनाको देखकर युधिष्ठिरका विषाद करना और ‘श्रीकृष्णकी कृपासे ही विजय होती है’ यह कहकर अर्जुनका उन्हें आश्वासन देना
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श्लोक 13
श्लोक
6.21.13
गुणभूतो जय: कृष्णे पृष्ठतोऽभ्येति माधवम्।
तद् यथा विजयश्चास्य सन्नतिश्चापरो गुण:॥ १३॥
अनुवाद
‘विजय श्रीकृष्ण का एक गुण है, इसलिए वह उनके पीछे-पीछे चलती है। जिस प्रकार विजय एक गुण है, उसी प्रकार विनम्रता भी उनका दूसरा गुण है।॥13॥
‘Victory is one of the qualities of Shri Krishna, hence it follows him. Just as victory is a quality, humility is also his second quality.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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