Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.2.7: धृतराष्ट्र बोले - हे मुनि! मुझे अपने परिवारजनों का संहार देखना अच्छा नहीं लगता; किन्तु आप अपने प्रभाव से मुझे इस युद्ध का सम्पूर्ण वृत्तांत सुनने की कृपा करें।   |   mahabharat अध्याय 6.2: वेदव्यासजीके द्वारा संजयको दिव्य दृष्टिका दान तथा भयसूचक उत्पातोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 2: वेदव्यासजीके द्वारा संजयको दिव्य दृष्टिका दान तथा भयसूचक उत्पातोंका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.2.7 
धृतराष्ट्र उवाच
न रोचये ज्ञातिवधं द्रष्टुं ब्रह्मर्षिसत्तम।
युद्धमेतत् त्वशेषेण शृणुयां तव तेजसा॥ ७॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले - हे मुनि! मुझे अपने परिवारजनों का संहार देखना अच्छा नहीं लगता; किन्तु आप अपने प्रभाव से मुझे इस युद्ध का सम्पूर्ण वृत्तांत सुनने की कृपा करें।
 
Dhritarashtra said - O great sage! I do not like to see the killing of my family members; but through your influence, please do me the favour of being able to hear the entire story of this war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)