Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.2.32: महाराज! यह शनि ग्रह रोहिणी को कष्ट दे रहा है। चन्द्रमा का चिह्न लगभग लुप्त हो गया है। इससे संकेत मिलता है कि भविष्य में कोई बड़ा भय उत्पन्न होने वाला है। 32. | mahabharat अध्याय 6.2: वेदव्यासजीके द्वारा संजयको दिव्य दृष्टिका दान तथा भयसूचक उत्पातोंका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! यह शनि ग्रह रोहिणी को कष्ट दे रहा है। चन्द्रमा का चिह्न लगभग लुप्त हो गया है। इससे संकेत मिलता है कि भविष्य में कोई बड़ा भय उत्पन्न होने वाला है। 32.
‘Maharaj! This planet named Saturn is standing there tormenting Rohini. The mark of the moon has almost vanished. This indicates that a great fear will be faced in the future. 32.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥