Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.2.27: हे राजन! नगाड़े बिना बजाए ही बजने लगते हैं और क्षत्रियों के विशाल रथ बिना जोते ही चलने लगते हैं॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 6.2: वेदव्यासजीके द्वारा संजयको दिव्य दृष्टिका दान तथा भयसूचक उत्पातोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 2: वेदव्यासजीके द्वारा संजयको दिव्य दृष्टिका दान तथा भयसूचक उत्पातोंका वर्णन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.2.27 
अनाहता दुन्दुभय: प्रणदन्ति विशाम्पते।
अयुक्ताश्च प्रवर्तन्ते क्षत्रियाणां महारथा:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! नगाड़े बिना बजाए ही बजने लगते हैं और क्षत्रियों के विशाल रथ बिना जोते ही चलने लगते हैं॥ 27॥
 
‘O King! The drums sound without being played and the huge chariots of the Kshatriyas start moving without being harnessed.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)