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अलक्ष्य: प्रभयाहीन: पौर्णमासीं च कार्तिकीम्।
चन्द्रोऽभूदग्निवर्णश्च पद्मवर्णनभस्तले॥ २३॥
अनुवाद
कार्तिक पूर्णिमा के दिन कमल के समान नीले आकाश में चन्द्रमा प्रकाशहीन होने के कारण दिखाई नहीं दे रहा था और उसकी चमक भी अग्नि के समान प्रतीत हो रही थी॥23॥
On the full moon day of Kartik, the moon was not visible in the lotus-like blue sky due to it being without light and its glow also appeared like fire. 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥