संजय उवाच
त्वद्युक्तोऽयमनुप्रश्नो महाराज यथार्हसि।
न तु दुर्योधने दोषमिममासंक्तुमर्हसि॥ १॥
अनुवाद
संजय ने कहा, "महाराज, आपने जो प्रश्न बार-बार पूछे हैं, वे बिल्कुल सही हैं और आपके योग्य भी हैं; लेकिन आपको सारा दोष दुर्योधन पर नहीं डालना चाहिए।"
Sanjaya said, "Maharaj, the repeated questions that you have asked are absolutely correct and worthy of you; but you should not put the entire blame on Duryodhan."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥