Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.14.50-52h: इससे ऐसा प्रतीत होता है कि द्रुपदकुमार शिखण्डी निश्चय ही तेज, पराक्रम और बल में महारथी परशुरामजी से बहुत अधिक हैं, जिन्होंने सम्पूर्ण शास्त्रों के ज्ञाता, परम विद्वान् और वीर विद्वान् भरतकुलभूषण भीष्मजी को मार डाला है। | mahabharat अध्याय 6.14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इससे ऐसा प्रतीत होता है कि द्रुपदकुमार शिखण्डी निश्चय ही तेज, पराक्रम और बल में महारथी परशुरामजी से बहुत अधिक हैं, जिन्होंने सम्पूर्ण शास्त्रों के ज्ञाता, परम विद्वान् और वीर विद्वान् भरतकुलभूषण भीष्मजी को मार डाला है।
From this it appears that Drupadakumar Shikhandi is certainly much greater in speed, bravery and strength than the great warrior Parshuramji, who has killed Bharatkulbhushan Bhishmaji, an expert in the knowledge of all the scriptures, a supreme expert and a brave scholar.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥