श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 14: धृतराष्ट्रका विलाप करते हुए भीष्मजीके मारे जानेकी घटनाको विस्तारपूर्वक जाननेके लिये संजयसे प्रश्न करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.14.13 
पाण्डवानां महत् सैन्यं यं दृष्ट्वोद्यतमाहवे।
कालाग्निमिव दुर्धर्षं समचेष्टत नित्यश:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
युद्ध के लिए तैयार पाण्डवों की विशाल सेना को प्रचण्ड काली अग्नि के समान देखकर वे सदैव काँपने लगे ॥13॥
 
Seeing the huge army of Pandavas ready for war like a raging black fire, they always started trembling. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)