श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 122: भीष्म और कर्णका रहस्यमय संवाद  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.122.2 
श्रुत्वा तु निहतं भीष्मं राधेय: पुरुषर्षभ:।
ईषदागतसंत्रासस्त्वरयोपजगाम ह॥ २॥
 
 
अनुवाद
भीष्म को रथ से गिरा हुआ सुनकर महारथी राधानन्दन कर्ण भयभीत हो गया और बड़ी उतावली से उनके पास आया॥ 2॥
 
Hearing that Bhishma had been thrown off the chariot, the great man Radhanandan Karna was filled with fear. He came to him in great haste.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)