श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  6.119.84 
ततस्तमेकं बहव: परिवार्य समन्तत:।
परिकाल्य कुरून् सर्वान् शरवर्षैरवाकिरन्॥ ८४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् पाण्डव पक्ष के बहुत से योद्धाओं ने एकमात्र भीष्म को चारों ओर से घेर लिया और समस्त कौरवों को चारों ओर से भगाकर उन पर बाणों की वर्षा करने लगे।
 
Thereafter a large number of warriors from the Pandava side surrounded the only Bhishma from all sides and after chasing away all the Kauravas in all directions they began showering arrows upon them. 84.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)