श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 77
 
 
श्लोक  6.119.77 
सैन्यानां युध्यमानानां निघ्नतामितरेतरम्।
असौम्यरूपा पृथिवी शोणिताक्ताभवत् तदा॥ ७७॥
 
 
अनुवाद
उस समय वहाँ की सारी पृथ्वी युद्धप्रिय सैनिकों के रक्त से रंजित होकर भयंकर हो गयी।
 
At that time the entire earth there became dreadful, stained with the blood of the warlike soldiers killing each other. 77.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)