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mahabharat 6.119.76: राजेन्द्र! दसवें दिन भीष्म और अर्जुन के युद्ध के समय दो घण्टे तक ऐसा दृश्य दिखा, मानो गंगा के समुद्र में गिरने पर उसके जल में विशाल भँवर उठ रही हो।   |   mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  6.119.76 
दशमेऽहनि राजेन्द्र भीष्मार्जुनसमागमे।
आसीद् गाङ्ग इवावर्तो मुहूर्तमुदधेरिव॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! दसवें दिन भीष्म और अर्जुन के युद्ध के समय दो घण्टे तक ऐसा दृश्य दिखा, मानो गंगा के समुद्र में गिरने पर उसके जल में विशाल भँवर उठ रही हो।
 
Rajendra! On the tenth day, during the fight between Bhishma and Arjun, for two hours such a scene was seen as if when the Ganges fell into the ocean, a huge whirlpool was rising in its water.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)