Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.119.115: सव्यसाची अर्जुन ने हम सबको जीत लिया। हम उसके तीखे बाणों से घायल हो रहे थे और हमारे प्रमुख योद्धा उसके द्वारा मारे जा रहे थे। ऐसी स्थिति में हम अपना कर्तव्य नहीं समझ पा रहे थे। 115। | mahabharat अध्याय 6.119: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंद्वारा सुरक्षित होनेपर भी अर्जुनका भीष्मको रथसे गिराना, शरशय्यापर स्थित भीष्मके समीप हंसरूपधारी ऋषियोंका आगमन एवं उनके कथनसे भीष्मका उत्तरायणकी प्रतीक्षा करते हुए प्राण धारण करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सव्यसाची अर्जुन ने हम सबको जीत लिया। हम उसके तीखे बाणों से घायल हो रहे थे और हमारे प्रमुख योद्धा उसके द्वारा मारे जा रहे थे। ऐसी स्थिति में हम अपना कर्तव्य नहीं समझ पा रहे थे। 115।
Savyasachi Arjun conquered all of us. We were being wounded by his sharp arrows and our chief warriors were killed by him. In that condition we could not understand our duty. 115.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥