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श्लोक 6.118.54  |
ततस्तस्य च तेषां च युद्धे देवासुरोपमे।
किरीटी भीष्ममागच्छत् पुरस्कृत्य शिखण्डिनम्॥ ५४॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् भीष्म और उन योद्धाओं में देवताओं और दानवों के बीच होने वाले युद्ध के समान भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया। इसी बीच किरीटधारी अर्जुन शिखण्डी को आगे करके भीष्म के पास पहुँचे। |
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| Thereafter a fierce battle like the war between gods and demons began between Bhishma and those warriors. In the meanwhile Arjuna wearing a crown brought Shikhandi ahead and reached near Bhishma. 54. |
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इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि भीष्मपराक्रमे अष्टादशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें भीष्मपराक्रमविषयक एक सौ अठारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११८॥
[दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ श्लोक मिलाकर कुल ५५ श्लोक हैं।] |
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