श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 118: भीष्मका अद्भुत पराक्रम करते हुए पाण्डव-सेनाका भीषण संहार  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  6.118.48-49h 
विधूय तान् बाणगणान् ये मुक्ता: पार्थिवोत्तमै:॥ ४८॥
पाण्डवानामदीनात्मा व्यगाहत वरूथिनीम्।
 
 
अनुवाद
परन्तु महाबली भीष्म ने उन महान राजाओं द्वारा छोड़े गए सभी बाणों को नष्ट कर दिया और पांडवों की विशाल सेना में प्रवेश कर गए।
 
But the magnanimous Bhishma destroyed all the arrows shot by those great kings and entered the huge army of the Pandavas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)