Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.117.29: यदि समस्त देवतागण भी एकत्र होकर युद्ध के लिए प्रयत्न करें, तो भी वे भीष्म का सामना नहीं कर सकेंगे; और तो और, कुन्ती के पराक्रमी पुत्र तो मनुष्य हैं, वे उन महाबली भीष्म का सामना कैसे कर सकेंगे ?॥ 29॥ | mahabharat अध्याय 6.117: उभय पक्षकी सेनाओंका युद्ध, दु:शासनका पराक्रम तथा अर्जुनके द्वारा भीष्मका मूर्च्छित होना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि समस्त देवतागण भी एकत्र होकर युद्ध के लिए प्रयत्न करें, तो भी वे भीष्म का सामना नहीं कर सकेंगे; और तो और, कुन्ती के पराक्रमी पुत्र तो मनुष्य हैं, वे उन महाबली भीष्म का सामना कैसे कर सकेंगे ?॥ 29॥
‘Even if all the gods gather together and make efforts for the war, they will not be able to face Bhishma; moreover, Kunti's mighty sons are mortal humans. How can they face that great Bhishma?॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥