श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 116: कौरव-पाण्डव महारथियोंके द्वन्द्वयुद्धका वर्णन तथा भीष्मका पराक्रम  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.116.15 
पौरवस्तु धनुश्छित्त्वा धृष्टकेतोर्महारथ:।
ननाद बलवन्नादं विव्याध च शितै: शरै:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तब महाबली पौरव ने धृष्टकेतु का धनुष काट डाला, जोर से गर्जना की और तीखे बाणों से उसे घायल कर दिया।
 
Then the mighty warrior Paurava cut off Dhrishtaketu's bow, roared loudly, and pierced him with sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)