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mahabharat 6.114.37: यहाँ अर्जुन ने लोहे के बने अनेक बाणों से सुशर्मा को घायल कर दिया और उसकी सेना को उसी प्रकार नष्ट कर दिया, जैसे वायु विशाल बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है।   |   mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.37 
अर्जुनस्तु सुशर्माणं विद्‍ध्वा बहुभिरायसै:।
व्यधमत् तस्य तत्सैन्यं महाभ्राणि यथानिल:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
यहाँ अर्जुन ने लोहे के बने अनेक बाणों से सुशर्मा को घायल कर दिया और उसकी सेना को उसी प्रकार नष्ट कर दिया, जैसे वायु विशाल बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है।
 
Here Arjuna wounded Susarma with many arrows made of iron and destroyed his army just as the wind shatters huge clouds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)