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mahabharat 6.114.11-12h: उन सब रथियों के बीच में खड़े होकर क्रीड़ा करते हुए, भरत के आभूषणों से सुसज्जित, दानशील महारथी, कुन्तीपुत्र भीमसेन और अर्जुन विचित्र लग रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.114.11-12h 
तेषां च रथिनां मध्ये कौन्तेयौ भरतर्षभौ॥ ११॥
क्रीडमानौ रथोदारौ चित्ररूपौ व्यदृश्यताम्।
 
 
अनुवाद
उन सब रथियों के बीच में खड़े होकर क्रीड़ा करते हुए, भरत के आभूषणों से सुसज्जित, दानशील महारथी, कुन्तीपुत्र भीमसेन और अर्जुन विचित्र लग रहे थे।
 
Standing amidst all those charioteers, playing games, Bharata's ornaments, the generous great warriors, Kunti's son Bhimasena and Arjuna looked strange. 11 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)