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mahabharat 6.114.1: संजय कहते हैं - हे राजन! उस समय अर्जुन ने युद्धभूमि पर विजय पाने के लिए प्रयत्नशील महारथी शल्य को मुड़े हुए बाणों की वर्षा से आच्छादित कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 114: कौरवपक्षके प्रमुख महारथियोंके साथ युद्धमें भीमसेन और अर्जुनका अद्भुत पुरुषार्थ  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.114.1 
संजय उवाच
अर्जुनस्तु रणे शल्यं यतमानं महारथम्।
छादयामास समरे शरै: संनतपर्वभि:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! उस समय अर्जुन ने युद्धभूमि पर विजय पाने के लिए प्रयत्नशील महारथी शल्य को मुड़े हुए बाणों की वर्षा से आच्छादित कर दिया।
 
Sanjaya says: O King! At that time Arjuna covered the mighty warrior Shalya, who was striving to win the battle-field, with a shower of arrows having bent ends.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)