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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना
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श्लोक 9
श्लोक
6.112.9
पपात महती चोल्का मध्येनादित्यमण्डलात्।
सकबन्धश्च परिघो भानुमावृत्य तिष्ठति॥ ९॥
अनुवाद
‘सूर्यमण्डल के केन्द्र से बड़ी-बड़ी उल्काएँ गिर पड़ी हैं। कबन्ध सहित परिघ सूर्य को चारों ओर से घेरे हुए स्थित है।॥9॥
‘Big meteors have fallen from the centre of the solar system. The Parigha with Kabandh is situated surrounding the Sun from all sides.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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