vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना
»
श्लोक 23
श्लोक
6.112.23
अजेय: समरे चापि देवैरपि सवासवै:।
बलवान् बुद्धिमांश्चैव जितक्लेशो युधां वर:॥ २३॥
अनुवाद
इन्द्रसहित सम्पूर्ण देवता भी उसे युद्ध में नहीं हरा सकते। वह बलवान, बुद्धिमान, कष्टों को जीतने वाला और योद्धाओं में श्रेष्ठ है॥ 23॥
‘Even all the gods including Indra cannot defeat him in battle. He is powerful, intelligent, conqueror of sufferings and the best among warriors.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×