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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना
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श्लोक 18
श्लोक
6.112.18
अब्रवीच्च पुरा भीष्मो नाहं हन्यां शिखण्डिनम्।
स्त्री ह्येषा विहिता धात्रा दैवाच्च स पुन: पुमान्॥ १८॥
अनुवाद
भीष्म ने पहले ही कह दिया था कि वे शिखण्डी को नहीं मारेंगे, क्योंकि विधाता ने उसे स्त्री बनाया है। फिर संयोगवश वह पुरुष हो गया॥18॥
Bhishma had already said that he would not kill Shikhandi because the creator had made him a woman. Then by chance he became a man.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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