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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना
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श्लोक 13
श्लोक
6.112.13
वपूंषि च नरेन्द्राणां विगताभानि लक्षये।
धार्तराष्ट्रस्य सैन्येषु न च भ्राजन्ति दंशिता:॥ १३॥
अनुवाद
मैं राजाओं के शरीरों को शोभाहीन देखता हूँ। दुर्योधन की सेना में कवचधारी लोग शोभाहीन नहीं लगते॥13॥
I see the bodies of the kings devoid of any glory. Those in Duryodhan's army who are wearing armour do not look good.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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