श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 112: द्रोणाचार्यका अश्वत्थामाको अशुभ शकुनोंकी सूचना देते हुए उसे भीष्मकी रक्षाके लिये धृष्टद्युम्नसे युद्ध करनेका आदेश देना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.112.10 
परिवेषस्तथा घोरश्चन्द्रभास्करयोरभूत्।
वेदयानो भयं घोरं राज्ञां देहावकर्तनम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
चन्द्रमा और सूर्य के चारों ओर भयंकर घेरा बनने लगा है, जो क्षत्रियों के शरीरों को नष्ट करने वाले भयंकर भय का सूचक है॥10॥
 
A fierce siege has begun to form around the Moon and the Sun, indicating a grave fear that will destroy the bodies of the Kshatriyas.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)