श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 111: कौरव-पाण्डवपक्षके प्रमुख महारथियोंके द्वन्द्व-युद्धका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.111.1 
संजय उवाच
सात्यकिं दंशितं युद्धे भीष्मायाभ्युद्यतं रणे।
आर्ष्यशृङ्गिर्महेष्वासो वारयामास संयुगे॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! युद्धस्थल में भीष्म से युद्ध करने के लिए तैयार कवचधारी सात्यकि को देखकर महाधनुर्धर राक्षस अलम्बुष ने आकर उन्हें रोक लिया॥1॥
 
Sanjay says- Rajan! Seeing the armored Satyaki ready to fight Bhishma in the battlefield, the great archer demon Alambusha came and stopped him. 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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