श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.11.4 
संजय उवाच
राजन् सुबहवो द्वीपा यैरिदं संततं जगत्।
सप्तद्वीपान् प्रवक्ष्यामि चन्द्रादित्यौ ग्रहं तथा॥ ४॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, "हे राजन! ऐसे अनेक द्वीप हैं जिनसे सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड भरा हुआ है। अब आपकी आज्ञा से मैं सात द्वीपों का तथा चन्द्रमा, सूर्य और राहु का भी वर्णन करूँगा।"
 
Sanjaya said, "O King! There are many islands with which the entire universe is full. Now, as per your command, I will describe the seven islands and also the Moon, the Sun and Rahu."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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