श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.11.36 
मङ्गाश्च मशकाश्चैव मानसा मन्दगास्तथा।
मङ्गा ब्राह्मणभूयिष्ठा: स्वकर्मनिरता नृप॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
इनके नाम इस प्रकार हैं- मंग, मश्क, मानस और मंडाग। हे मनुष्यों के स्वामी! इनमें से अधिकांश मंग जनपद में निवास करते हैं। ये सभी अपने-अपने कर्तव्य पालन में सदैव तत्पर रहते हैं।
 
Their names are as follows- Mang, Mashk, Manas and Mandag. O Lord of men! Most of them reside in the Mang district. All of them are always ready to perform their duties.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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