| श्री महाभारत » पर्व 6: भीष्म पर्व » अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन » श्लोक 25 |
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| | | | श्लोक 6.11.25  | महामेरुर्महाकाशो जलद: कुमुदोत्तर:।
जलधारो महाराज सुकुमार इति स्मृत:॥ २५॥ | | | | | | अनुवाद | | महामेरु पर्वत के पास महाकाशवर्ष है, जलद या मलय के पास कुमुदोत्तवर्ष है। महाराज! जलधर गिरिका पार्श्ववर वर्ष सुकुमार कहे गए हैं। 25॥ | | | | Near Mount Mahameru is Mahakashavarsha, near Jalad or Malay is Kumudottavarsha. Maharaj! Jaldhar Girika Parsvavar Varsh is said to be Sukumar. 25॥ | | ✨ ai-generated | | |
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