श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.11.20 
धृतराष्ट्र उवाच
सुमहान् संशयो मेऽद्य प्रोक्तोऽयं संजय त्वया।
प्रजा: कथं सूतपुत्र सम्प्राप्ता: श्यामतामिह॥ २०॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले - सारथिपुत्र संजय ! तुमने आज ऐसी बात कही है जो मुझे अत्यन्त संदिग्ध लगती है। वहाँ रहने मात्र से ही लोग काले कैसे हो गए ?॥ 20॥
 
Dhritarashtra said - Son of a charioteer Sanjay! You have said something which is very doubtful to me today. How did the people become dark-skinned just by living there?॥ 20॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas