श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  6.11.13-14h 
संजय उवाच
तथैव पर्वता राजन् सप्तात्र मणिभूषिता:॥ १३॥
रत्नाकरास्तथा नद्यस्तेषां नामानि मे शृणु।
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा— हे राजन! शाकद्वीप में भी रत्नों से विभूषित सात पर्वत हैं। वहाँ भी रत्नों की अनेक खानें और नदियाँ हैं। मेरे से उनके नाम सुनो॥13 1/2॥
 
Sanjaya said— O King! There are seven mountains adorned with gems in Shakadvipa too. There are many mines of gems and rivers there too. Listen to their names from me.॥ 13 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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