श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.109.31 
अनीकमध्ये तिष्ठन्तं गाङ्गेयं भरतर्षभ।
आशीविषमिव क्रुद्धं पाण्डवा: प्रत्यवारयन्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव सैनिक सेना के मध्य में खड़े हुए विषैले सर्प के समान क्रोधी भीष्म को रोकने लगे।
 
The Pandava soldiers began to stop Bhishma, who was enraged and looked like a poisonous serpent, standing in the centre of the army. 31.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)