vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार
»
श्लोक 30
श्लोक
6.109.30
इत्युक्त्वा भरतश्रेष्ठ क्षत्रियान् प्रवपञ्छरै:।
आससाद दुराधर्ष: पाण्डवानामनीकिनीम्॥ ३०॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! ऐसा कहकर वीर भीष्म ने क्षत्रियों पर बाणों की वर्षा करते हुए पाण्डवों की सेना पर आक्रमण किया॥30॥
Bharatshrestha! Saying this, the brave Bhishma, showering his arrows on the Kshatriyas, attacked the Pandavas' army. 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×