vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार
»
श्लोक 20
श्लोक
6.109.20
सात्यकिश्चेकितानश्च माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ।
अभिमन्यु: सुविक्रान्तो वाहिनीं द्रवते मम॥ २०॥
अनुवाद
नकुल, सहदेव, सात्यकि के पुत्र, चेकितान, पाण्डु और माद्री तथा महाबली अभिमन्यु भी मेरी सेना को खदेड़ रहे हैं।
Nakul, Sahadeva, sons of Satyaki, Chekitana, Pandu and Madri and the mighty Abhimanyu are also driving away my army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×