श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.109.20 
सात्यकिश्चेकितानश्च माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ।
अभिमन्यु: सुविक्रान्तो वाहिनीं द्रवते मम॥ २०॥
 
 
अनुवाद
नकुल, सहदेव, सात्यकि के पुत्र, चेकितान, पाण्डु और माद्री तथा महाबली अभिमन्यु भी मेरी सेना को खदेड़ रहे हैं।
 
Nakul, Sahadeva, sons of Satyaki, Chekitana, Pandu and Madri and the mighty Abhimanyu are also driving away my army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)