श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.109.2 
केऽरक्षन् पाण्डवानीके शिखण्डिनमुदायुधा:।
त्वरमाणास्त्वराकाले जिगीषन्तो महारथा:॥ २॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव सेना के किन-किन वीर योद्धाओं ने अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर विजय के लिए तत्पर होकर उस समय तत्परता दिखाकर शिखण्डी की रक्षा की थी?
 
Which valiant warriors of the Pandava army, armed with weapons and eager for victory, protected Shikhandi at that time of need by displaying their promptness?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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