श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.109.14 
तस्य शब्देन वित्रस्तास्तावका भरतर्षभ।
सिंहस्येव मृगा राजन् व्यद्रवन्त महाभयात्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! हे भरतश्रेष्ठ! जैसे सिंह की गर्जना से मृग भयभीत होकर भाग जाते हैं, वैसे ही अर्जुन की गर्जना से भयभीत होकर आपके सैनिक महान् भय से भागने लगे॥14॥
 
O King! O best of the Bharatas! Just as deer run away in fear at the roar of a lion, similarly your soldiers, terrified by the roar of Arjuna, started running away in great fear. ॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)