श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.109.11 
न हि भीष्मं महेष्वासं पाण्डवा: पाण्डुपूर्वज।
अशक्नुवन् रणे जेतुं पाशहस्तमिवान्तकम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
पाण्डु के ज्येष्ठ भ्राता धृतराष्ट्र! पाण्डव लोग यमराज के समान महान् धनुर्धर भीष्म को युद्ध में कभी परास्त नहीं कर सकते थे। 11॥
 
Pandu's eldest brother Dhritarashtra! Pandavas could never be able to defeat Bhishma, a great archer like Yamraj carrying the bow, in battle. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)