श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.109.1 
धृतराष्ट्र उवाच
कथं शिखण्डी गाङ्गेयमभ्यधावत् पितामहम्।
पाञ्चाल्य: समरे क्रुद्धो धर्मात्मानं यतव्रतम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा- संजय! युद्धस्थल में कुपित हुए पांचाल राजकुमार शिखण्डी ने नियमित व्रत करने वाले धर्मपरायण पिता गंगानन्दन भीष्म पर किस प्रकार आक्रमण किया?॥1॥
 
Dhritarashtra asked- Sanjay! How did Panchala prince Shikhandi, enraged in the battlefield, attack the pious father Ganganandan Bhishma who regularly observed the fast? 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)