Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.107.83-84h: शिखण्डी की ध्वजा पर अशुभ चिह्न अंकित हैं, और उससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि वह पहले स्त्री था; अतः मेरे हाथ में बाण होने पर भी मैं उस पर किसी प्रकार आक्रमण नहीं करना चाहता। 83 1/2 | mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अमङ्गल्यध्वजे तस्मिन् स्त्रीपूर्वे च विशेषत:॥ ८३॥
न प्रहर्तुमभीप्सामि गृहीतेषु: कथञ्चन।
अनुवाद
शिखण्डी की ध्वजा पर अशुभ चिह्न अंकित हैं, और उससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि वह पहले स्त्री था; अतः मेरे हाथ में बाण होने पर भी मैं उस पर किसी प्रकार आक्रमण नहीं करना चाहता। 83 1/2
Shikhandi's flag bears inauspicious marks, and more importantly, he was formerly a woman; therefore, even though I have an arrow in my hand, I do not wish to attack him in any way. 83 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥