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mahabharat 6.107.68-69h: पितामह! आप कृपा करके वह उपाय बताइए जिससे हम आपको युद्ध में परास्त कर सकें, जिससे हमें विशाल राज्य प्राप्त हो सके और जिससे मेरी सेना सुरक्षित रह सके। ॥68 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना  »  श्लोक 68-69h
 
 
श्लोक  6.107.68-69h 
यथा युधि जयेम त्वां यथा राज्यं भृशं मम॥ ६८॥
मम सैन्यस्य च क्षेमं तन्मे ब्रूहि पितामह।
 
 
अनुवाद
पितामह! आप कृपा करके वह उपाय बताइए जिससे हम आपको युद्ध में परास्त कर सकें, जिससे हमें विशाल राज्य प्राप्त हो सके और जिससे मेरी सेना सुरक्षित रह सके। ॥68 1/2॥
 
Grandfather! Please tell me the way by which we can defeat you in the war, by which we can get a huge kingdom and by which my army can remain safe.' ॥ 68 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)