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श्लोक  6.107.63 
प्रजानां संशयो न स्यात् कथं तन्मे वद प्रभो।
भवान् हि नो वधोपायं ब्रवीतु स्वयमात्मन:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! यह कैसे संभव है कि हमारी प्रजा का जीवन खतरे में न हो? कृपया मुझे यह सब बताएँ। कृपया हमें आत्म-हत्या का उपाय बताएँ। 63.
 
Lord! How is it possible that the lives of our subjects are not in danger? Please tell me all this. Please tell us the way to kill yourself. 63.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)