श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.107.37 
अनुज्ञातं तु पार्थेन मया कार्यं न संशय:।
अथवा फाल्गुनस्यैष भार: परिमितो रणे॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने जो प्रतिज्ञा की है, उसे पूरा करना मेरा कर्तव्य है, इसमें संशय नहीं है। अथवा युद्धस्थल में अर्जुन के लिए यह बहुत छोटा भार है॥37॥
 
It is my duty to fulfil whatever Arjuna has vowed to do, there is no doubt about it. Or this is a very small burden for Arjuna in the battle-field.॥ 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)