Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.107.35-36: राजन! आप मुझे युद्ध के लिए नियुक्त करें। मैं आपका योद्धा बनूँगा। युद्ध से पूर्व अर्जुन ने उपप्लव्यनगर में सबके समक्ष प्रतिज्ञा की थी कि मैं गंगानन्दन भीष्म का वध करूँगा। मेरे लिए बुद्धिमान पार्थ की प्रतिज्ञा को पूरा करना आवश्यक है। 35-36।   |   mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना  »  श्लोक 35-36
 
 
श्लोक  6.107.35-36 
स मां नियुङ्क्ष्व राजेन्द्र यथा योद्धा भवाम्यहम्।
प्रतिज्ञातमुपप्लव्ये यत् तत् पार्थेन पूर्वत:॥ ३५॥
घातयिष्यामि गाङ्गेयमिति लोकस्य संनिधौ।
परिरक्ष्यमिदं तावद् वच: पार्थस्य धीमत:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
राजन! आप मुझे युद्ध के लिए नियुक्त करें। मैं आपका योद्धा बनूँगा। युद्ध से पूर्व अर्जुन ने उपप्लव्यनगर में सबके समक्ष प्रतिज्ञा की थी कि मैं गंगानन्दन भीष्म का वध करूँगा। मेरे लिए बुद्धिमान पार्थ की प्रतिज्ञा को पूरा करना आवश्यक है। 35-36।
 
King! You appoint me for the war. I will become your warrior. Before the war, Arjuna had pledged in front of everyone in Upaplavyanagar that he will kill Ganganandan Bhishma. It is necessary for me to fulfill the promise of the wise Partha. 35-36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)